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मेरठ। पशु चिकित्सालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी पाने के लिए पत्नी ने प्रेमी और उसके दो साथियों संग मिलकर दिव्यांग पति को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए चारों को गिरफ्तार कर लिया। प्रेमी ने दो साथियों को 80 हजार की सुपारी देकर हायर किया था। 20 हजार की रकम एडवांस के तौर पर दी गई थी।

23 अप्रैल को जानी थाना क्षेत्र में सिसौला बंबा के पास एक युवक का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से युवक की मौत होना पाया गया। एसओ प्रजंत त्यागी ने बताया कि इंटरनेट मीडिया के माध्यम से मृतक की पहचान सिविल लाइंस थाने के सूरजकुंड निवासी नरेंद्र के रूप में हुई।

नरेंद्र दिव्यांग था, जो सूरजकुंड स्थित पशु चिकित्सालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। सीसीटीवी से सामने आया कि नरेंद्र को तीन युवक बंबे पर लेकर पहुंचे थे। तभी पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से पता लगाया कि नरेंद्र की पत्नी पूनम के टीपीनगर नई बस्ती निवासी धीरज से प्रेम संबंध है। धीरज को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। उसने हत्याकांड से पर्दा उठा दिया। पूनम ने बताया कि धीरज ने 80 हजार रुपये में अमनदीप और चांद को नरेंद्र की हत्या के लिए हायर किया था। 23 अप्रैल को तीनों आरोपित नरेंद्र को अपने साथ जानी थाना क्षेत्र में घूमाने ले गए। उसके बाद सिसौला बंबा पर नरेंद्र को पहले शराब पिलाई गई। उसके बाद बंबे से नरेंद्र को पानी में डूबा कर हत्या कर दी।

बाद में शव को पानी से बाहर निकाल कर रख दिया। उसके बाद अपने अपने गांव लौट गए। उसके लिए अमनदीप और चांद को 20 हजार की रकम एडवांस दी थी। 60 हजार की रकम पांच मई को देने का वायदा किया था। उसी समय आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

पूनम से प्रेम प्रसंग के चलते धीरज ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया है। वह चाहता था कि दिव्यांग नरेंद्र के मरने के बाद उसकी नौकरी पूनम को मिल जाएगी। तब दोनों आपस में शादी कर लेंगे। उसी के तहत दोनों ने मिलकर नरेंद्र की हत्या की पटकथा रच डाली।

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