हापुड़। हेलो! भईया…कृष्ण ने आज फिर मेरे साथ सरेराह छेड़छाड़ की है। सहेलियों के सामने मुझे छूना चाहा। मैंने मना किया तो उसने धमकी दी। सहेलियों के सामने हुए अपमान को मैं सह नहीं पा रही हूं। भाई से फोन काल पर छात्रा ने आखिरी बार यही बात की थी। इसके बाद उसने फंदे पर झूलकर मौत को गले लगा लिया। छात्रा की मौत पर जहां माता-पिता जहां इकलौती पुत्री की मौत का मातम मना रहे हैं। वहीं, बहन को खोने वाले भाई की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। छात्रा के बड़े भाई ने नम आंखों के साथ बताया कि बहन के साथ आरोपित ने पहली बार छेड़छाड़ नहीं की। बल्कि, बार-बार वह छेड़छाड़ का शिकार हुई थी। हर बार लोक लाज के कारण वह शिकायत करने से डरते रहे। हालांकि, आरोपित के स्वजन से कई बार शिकायत की। हर बार वह आरोपित द्वारा दोबारा ऐसी हरकत न करने का भरोसा दिलाते थे। मगर, आरोपित मौका मिलते ही बहन से छेड़छाड़ करता था। बृहस्पतिवार को भी छेड़छाड़ का शिकार होने पर बहन ने उसे काल कर आपबीती सुनाई थी। जिसके बाद उसने आरोपित युवक व उसके स्वजन से शिकायत की थी। उसे नहीं पता था कि बहन इतनी आहत हो जाएगी कि वह जान दे देगी। अब उन्हें इस बात का पछतावा हो रहा है कि अगर, पहले ही उन्होंने शिकायत की होती तो छात्रा आज जिंदा होती। छात्रा की मौत पर आंसु बहा रहे पिता ने बोले कि एक दिन बेटी ने कहा कि पापा मैं बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। बेटी का सपना पूरा करने के लिए वह दिन-रात मेहनत करते। इकलौती पुत्री को घर के सभी सदस्य बेहद ही प्यार करते थे। पढ़ाई में तेज होने के चलते स्कूल के शिक्षक व शिक्षिकाएं हमेशा उसकी प्रशंसा करती थीं। जिसे सुनकर उसे लगता था कि एक दिन पुत्री जरूर डाक्टर बनेगी। अब पुत्री की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। गांव की कुछ सहपाठी सहेलियों के साथ छात्रा पैदल ही स्कूल जाती थी। छुट्टी होने के बाद वह घर वापस लौट आती थी। बार-बार छेड़छाड़ का शिकार होने पर उसे हर रोज यही डर रहता था कि आरोपित उसे रास्ते में न मिल जाए। आरोपित के मिलने पर वह उसे अनदेखा कर तेजी से कदम घर की तरफ बढ़ा देती थी। इसपर आरोपित उसका पीछे करने लगता। जिसका बार-बार छात्रा ने भी विरोध किया। छात्रा को शायद खुद भी नहीं पता था कि आरोपित ही उसकी मौत का कारण बन जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *