संभल। गृह क्लेश के चलते पिता की डांट से क्षुब्ध युवक ने फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। छोटे भाई की मौत के बाद मझला भाई भी फंदे से लटक गया। स्वजन ने आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं, घटना की सूचना मिलने पर चंडीगढ़ से लौट रहे सबसे बड़े भाई ने मध्यरात्रि में धनारी के निकट एक पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी। दो भाइयों की मौत और एक के गंभीर होने से गांव में मातम का माहौल है। इधर, सूचना पर गांव पहुंचे एसपी, एएसपी और एसडीएम ने स्वजन से घटना की जानकारी ली। पुलिस घटना का कारण गृह क्लेश मान रही है। गुरुवार सुबह धनारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव औरंगाबाद में विजय सिंह पुत्र खुशीराम की पत्नी बताशो देवी ने चाय बनाई थी। विजय ने चाय फेंक दी। सबसे छोटे बेटे पान सिंह (20) चाय फेंकने पर नाराजगी जताई और उसकी पिता के साथ कहासुनी हो गई। इस पर पिता ने उसे डांट दिया। पिता की डांट से क्षुब्ध होकर पान सिंह शाम करीब साढ़े चार बजे घर से करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर गेहूं के खेत पर चला गया और पाखड़ के पेड़ पर फंदे के सहारे लटक गया। निकट के खेतों में मौजूद लोगों ने पान सिंह को लटके देखा तो इसकी सूचना तत्काल स्वजन को दी। मौके पर पहुंचे स्वजन और ग्रामीणों ने उसे नीचे उतारा, हालांकि तब तक उसकी मृत्यु हो गई थी। इसके शव को घर लाया गया। महिलाएं और अन्य सदस्य घर के आंगन में विलाप कर रहे थे। इसी बीच वियोग में मझला भाई बृजेश कुमार (21) अपने घर के ही कमरे में अनाज भंडारण करने वाले बाक्स के कुंडे पर फंदा बनाकर लटक गया। हालांकि, घर में मौजूद महिलाओं ने उसे देख लिया और तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत को गंभीर देखते हुए बाद में उसे संभल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका वेंटिलेटर पर उपचार चल रहा है। स्वजन ने एक भाई की मृत्यु और दूसरे के गंभीर होने की सूचना सबसे बड़े भाई मुनीष कुमार (25) को दी। मुनीष चंडीगढ़ में मूंगफली बेचता था। जहां से वह घर वापस लौट रहा था। रात्रि तकरीबन दो बजे धनारी में बस से उतरने के उसने अपने चचेरे भाई अवधेश कुमार को फोन पर आत्महत्या करने की जानकारी दी। करीब आधे घंटे बाद स्वजन उसे देखने के लिए पहुंचे, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। मुनीष ने आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे किनारे धनारी क्षेत्र के निकट एक पुल के समीप एक नीम के पेड़ पर फंदा लगाया था। इसके बाद स्वजन उसका शव भी गांव ले आए।

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