प्रयागराज। बेमेल हार्मोन के कारण किशोरी में पुरुष गुण वाला अंग विकसित होना उसके और परिवार के लिए असहज था। परेशानी जब हद से गुजरने लगी तो दंपती अपनी बेटी को लेकर चिल्ड्रन अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने नौ वर्ष की किशोरी की समस्या का हल बड़ी सूझबूझ से ढूंढ निकाला। इलाज शुरू हुआ और जटिल ऑपरेशन के बाद लड़की के होठों पर मुस्कान लौटी। कौशांबी से एक दंपती करीब दो महीने पहले चिल्ड्रन अस्पताल (सरोजिनी नायडू बाल रोग चिकित्सालय) आए। उनके साथ में नौ वर्ष की बेटी थी, जिसकी परेशानी बताकर माता-पिता रो पड़े। प्रो. डाॅ. मनीषा मौर्या के पास मामला पहुंचा।

एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ डाॅ. मनीषा को पड़ताल में पता चला कि किशोरी के जननांग में पुरुष अंग विकसित हो गया था। उन्हें भी हैरानी हुई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट था कि पुरुषों वाले हार्मोन टेस्टोस्टेरोन की अधिकता (मेल एंड्रोजन) से ऐसा हुआ है।

डॉक्टरों ने यूएसजी और कार्योटाइपिंग कराई। एंडोक्राइनोलॉजी इकाई में लड़की की गहन चिकित्सा शुरू हुई। बाल रोग सर्जन डॉ. डी. कुमार ने किशोरी की क्लिटोरोप्लास्टी और वेजिनोप्लास्टी की। इससे किशोरी के जननांग उसके स्त्री धर्म में परिवर्तित हो गए।

कुछ दिनों तक निगरानी में रखने के बाद किशोरी को घर भेज दिया गया, लेकिन हाइपर एंड्रोजिज्म की रोकथाम और हार्मोन में बदलाव के लिए कुछ दवा ऐसी है, जिसका सेवन जीवन भर करना पड़ेगा। इससे लड़की की प्रजनन क्षमता बनी रहेगी और वह सामान्य जीवन जी सकेगी। डाॅ. मनीषा मौर्या ने कहा कि परिवार बेटी को लेकर पशोपेश में था। हो सकता है कि ऐसी परेशानी किसी और के घर में भी हो, लेकिन अब घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। हार्मोन अनियंत्रित होने से ऐसी परेशानी स्वाभाविक है, इसका इलाज भी संभव है।

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