मऊ। जल संरक्षण के प्रति भावी पीढ़ी जिम्मेदार बन सके इसके लिए नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की ओर से “जल ज्ञान यात्रा” निकालकर बच्चों को लगातार जागरुक किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मऊ विकास भवन से “जल ज्ञान यात्रा” निकाली गई। मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर व जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता रामेश्वर दयाल ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को मण्डांव पाइप लाइन के लिए रवाना किया। इस यात्रा में जनपद के आठ स्कूलों के 81 से अधिक छात्र-छात्राओं हिस्सा लिया।

इस दौरान नोडल अधिकारी हरिशंकर यादव, नंदलाल सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। मण्डांव पाइप लाइन पहुंचे छात्रों ने यहां के लैब को देखा और जल जांच परीक्षण करने की विधि को करीब से जाना। बच्चों ने जल की गुणवत्ता कैसे जांची जाती है इसे देखा और इसकी बारीकियों को विशेषज्ञों से समझा। जल परीक्षण में शामिल लोगों की तरफ से बच्चों को पानी की गुणवत्ता जांचने की विधि के बारे में विस्तार से समझाया गया। इसके बाद स्कूली बच्चों को पहाड़ीपुर खिरिया वाटर सप्लाई स्कीम का भ्रमण कराया गया।

यहां एफटीके के तहत कैसे पानी की गुण्वत्ता जांची जाती है, इसका प्रैक्टिकल कर दिखाया गया। इस दौरान स्लोगन, भाषण प्रतियोगिता व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। “जल ज्ञान यात्रा” क्यों शुरू की गई इसके बारे में बच्चों को बताया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि शुद्ध पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। इसको देखते हुए जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल योजना शुरू की गई है। आज लोग आरओ का जो पानी पी रहे हैं, वह भी सेहतमंद नहीं है। जबकि जल जीवन मिशन की तरफ से बनी टंकी से सप्लाई होने वाला जल सबसे शुद्ध है। पहाड़ीपुर खिरिया में बनी पानी की टंकी से करीब पांच सौ घरों को शुद्ध जल की सप्लाई होनी है। इसके बाद छात्रों को शहीद स्मारक स्थल कटघरा का भ्रमण कराया गया। स्कूली बच्चों के लिए “जल ज्ञान यात्रा” काफी यादगार रही।

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