हरि (वानर )रूप मिलने से नारद हुए नाराज ,भगवान विष्णु को दिया श्राप

बिंद्रा बाजार। बिंद्राबाज़ार की रामलीला में नारद मोह का मंचन किया गया जिसमें नारद जी को दिखाया गया कि जब नारद को घमंड हो जाता है कि वह कामदेव पर विजय पा लिए तो वह ब्रह्मा विष्णु महेश से जाकर अपने कामदेव विजय की कहानी सबको सुनते हैं भगवान विष्णु ने उनके घमंड को मिटाने के लिए माया रुपी राज्य का निर्माण किया जिसमें सिल निधि राजा की पुत्री विश्व मोहिनी के स्वयंवर की तैयारी चल रही थी , अचानक नारद जी उस राज्य से गुजर रहे थे तो उनका ध्यान इस स्वयंवर पर पड़ा और उन्होंने उस कन्या का हाथ देखा तो बताया कि जो इस कन्या से विवाह करेगा वह अजर अमर बन जाएगा वह तत्काल भगवान विष्णु के पास उनका रूप मांगने चले गए की अगर प्रभु आप हरि का रूप दे देंगे तो मै भी विवाह कर लूंगा भगवान विष्णु ने उन्हें हरी का रूप दे तो मैं भी विवाह कर लूंगा भगवान विष्णु ने उन्हें हरी का रूप दे दिया विवाह करने पहुंचे तो बंदर का रूप लिए कई राजाओं में उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दियाअंत में विश्व मोहीने ने भगवान विष्णु से विवाह कर लिया तो नारद जी ने क्रोध में आकर भगवान विष्णु को श्राप दे दिया कि जिस तरह में पत्नी के वियोग में पड़ा हूं इसी तरह ठीक तुम भी पत्नी को वियोग में रहोगे और तुम्हें यही बंदर काम आएंगेजैसे ही नारद के ऊपर से माया हटती है नारद अपने आप को प्रायश्चित होने लगता है करने लगते हैं , इसी के साथ मंचन का समापन हुआ ।

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