दिल्ली। बुजुर्ग महिला की हत्या का शव बेड में छिपाने के मामले में नंद नगरी थाना पुलिस ने गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने बुजुर्ग के किरायेदार देवेंद्र कुमार(33) को गिरफ्तार किया है, जो कि अलीगढ़ के धिमारपुरा का रहने वाला है। आरोपित बुजुर्ग महिला की हत्या करने के बाद उनके पास रखे 13 हजार रुपये व पहने हुए जेवर लेकर अलीगढ़ फरार हो गया था। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि बुजुर्ग नहीं चाहती थीं कि वह शादी करे, क्योंकि बुजुर्ग और उसके करीबी दोस्ताना रिश्ते थे। इसी बात को लेकर हुए विवाद में पहले ईंट से सिर पर हमला किया, फिर गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस रविवार को आरोपित को कोर्ट में पेश करके उसकी रिमांड की मांग करेगी। उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि बुजुर्ग महिला(60) की गुमशुदगी को लेकर उनके बेटे ने 13 दिसंबर को नंदनगरी पुलिस थाने में शिकायत दी थी। बेटे ने बताया था कि उनकी मां 10 दिसंबर को नंदनगरी स्थित अपने घर का किराया लेने गई थीं, लेकिन वह घर नहीं लौटीं। इसके बाद पुलिस ने अपहरण के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। स्वजन ने बताया कि शुक्रवार को उनके हर्ष विहार स्थित घर में रखे बेड के अंदर से दुर्गंध आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बेड उठाया तो उसके अंदर से महिला का शव का प्लास्टिक की पॉलिथिन में लिपटा हुआ मिला। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बुजुर्ग महिला के लापता होने वाले दिन से उनके नंदनगरी स्थति मकान में रहने वाला किरायेदार देवेंद्र लापता है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपित अलीगढ़ में है। इसके बाद टीम ने उसे शनिवार सुबह अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि वो किसी अन्य लड़की से शादी करना चाहता था। चार दिसंबर को अलीगढ़ में उसका रोका भी हो गया था और फरवरी 2024 में शादी होने वाली थी। आशा को उनकी शादी के बारे में पता चला तो उन्होंने उसे मिलने के लिए हर्ष विहार वाले मकान में बुलाया। बुजुर्ग उसकी शादी से नाखुश थीं, जिसे लेकर दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई। उसमें बुजुर्ग ने चेतावनी दी थी कि वह अपने जीते जी उसे शादी नहीं करने देंगी। कहासुनी में महिला ने उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद आरोपित ने ईंट से बुजुर्ग के सिर पर हमला कर दिया और गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने एक पास की दुकान से पॉलिथिन लेकर आशा के शव को बेड में डाल दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपित वर्ष 2015 में काम की तलाश में दिल्ली आया था। उसने तांबे के तार पैकिंग का कारोबार किया, लेकिन कोरोना के दौरान उसे घाटा हुआ तो उसने काम बंद कर दिया। वह पिछले दो साल से बेरोजगार है। उसने अपने पिता से जर्मनी में पढ़ाई के नाम पर पैसे मांगे, जिसके लिए उसके किसान पिता ने तीन बीघा जमीन बेची थी। चार वर्ष पूर्व वह महिला के नंद नगरी स्थित घर में किरायेदार में रहने आया था। इसके बाद उनकी दोस्ती हो गई। वह एक-दूसरे के नजदीक भी आए। वहीं, दो वर्ष पूर्व उसकी दोस्ती मकान में नीचे रहने वाली एक युवती से हो गई। उसने उससे कहा कि वह सीबीआई में काम कर रहा है और उसके भाई को नौकरी दिला सकता है। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और दोनों शादी के तैयार हो गए।

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