नई दिल्ली। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के गर्भगृह में पुलिसकर्मियों के पुजारी के वेश में तैनाती को लेकर अब सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। सपा मुखिया अखिलेश यादव के शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए कहा- पुजारी के वेश में पुलिसकर्मियों का होना किस ‘पुलिस मैन्युअल’ के हिसाब से सही है? इस तरह का आदेश देने वालों को निलंबित किया जाए। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में पुजारी के वेश में तैनात हुए पुलिसकर्मी, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल; अधिकारी को निलंबित करने की रखी मांग| अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा- कल को इसका लाभ उठाकर कोई भी ठग भोली-भाली जनता को लूटेगा तो उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन क्या जवाब देगा। बता दें पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को काशी विश्वनाथ धाम परिसर स्थित सभागार में सुरक्षा गोष्ठी की। ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों को सुरक्षा टिप्स देते हुए ‘नो टच पॉलिसी’ लागू की और कहा कि भीड़ प्रबंधन के नाम पर श्रद्धालुओं को कोई धक्का नहीं देगा। पुलिस आयुक्त ने आदेश दिया था कि गर्भगृह में एक महिला-पुरुष पुलिसकर्मी पुजारी वेश में तैनात होंगे। उनका काम भगवान के रूप की तरफ इशारा करना होगा, जिससे कोई भी भक्त भोलेनाथ का दर्शन करने से वंचित न रहने पाए। साथ ही पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकेंगे। वर्दी दुरुस्त रहे, आइकार्ड पहली नजर में दिख जाए। वीवीआइपी के आगमन पर प्रायः पुलिस कर्मी सामान्य श्रद्धालुओं को धक्का मारकर हटाते हैं, जो आगे नहीं होना चाहिए। गर्भ गृह में भी यथासंभव महिला पुलिस कर्मी अधिक समय लेने वाले श्रद्धालुओं को हटायेंगी। भीड़ नियंत्रण में रस्सों का प्रयोग होगा। निर्देश दिए कि सुरक्षाकर्मी संबंधी थाने और अधिकारियों का नंबर अपने मोबाइल में जरूर रखें।

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