आजमगढ़ जिले के अतरौलिया क्षेत्र के गोरथानी गांव में लगभग एक महीने पहले दो दर्जन से अधिक बंदरों का झुंड पहुंच गया और पूरे गांव में आतंक मचा दिया। खेती किसानी के साथ ही बंदर घरों में भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गांव के पांच बच्चों को बंदरों ने बुरी तरह जख्मी भी कर दिया है, जिससे डरे बच्चे घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वही बंदर आलू की फसल, चना मटर की खेती के साथ ही छतों पर लगे नल, टोटी, डिश, बिजली के तार, बर्तन, चूल्हे, कपड़े अनाज को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण इकट्ठा होकर बंदरों को खदेड़ने का प्रयास करते हैं तो बंदर उन पर टूट पड़ते हैं और डर से लोग अपने घरों में दुबक जाते हैं। गांव निवासी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि लगभग एक महीने से यह बंदर गांव में आए हुए हैं गांव के अगल-बगल किसी गांव में बंदरों का आतंक नहीं है लेकिन इस गांव में बंदर इतना नुकसान कर रहे हैं जिससे लोगों को भारी नुकसान हो रहा है, वही धूप लेने छत पर बैठी महिलाओं और बच्चों को बंदर काफी परेशान कर रहे हैं जिससे गिरने पर कभी भी बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। बंदर घरों में रखे सामान व बिजली के तारों को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दे रहे हैं। मनोज सिंह ने बताया कि इन दिनों बंदरों के आतंक से पूरा गांव परेशान है। गांव में आने जाने वाले लोग बंदरों के आतंक से भयभीत हो रहे हैं वहीं महिलाओं और बच्चों को बंदर अपनी चपेट में ले रहे हैं, अभी तक लगभग पांच बच्चों को बंदरों ने काटकर जख्मी कर चुके हैं। दुकानदार राजू सिंह ने बताया कि बंदरों का झुंड जब आता है तो बहुत अधिक नुकसान करता है। दुकान में रखा सामान भी बंदर उठा ले जाते हैं और लोग इधर-उधर उसे खदेड़ते रहते हैं लेकिन बंदर गांव छोड़कर बाहर नहीं जा रहे हैं जिसके लिए स्थानीय प्रशासन से बंदरों को गांव से बाहर ले जाने के संदर्भ में बात की जा रही है। बंदरों के आतंक से घायलों में सारस्वत सिंह पुत्र राणा प्रताप सिंह, कनिष्क पुत्र जगवेंद्र सिंह, राज सिंह पुत्र हरि नारायण सिंह, उज्जवल प्रताप सिंह पुत्र दुर्गेश प्रताप सिंह ,राज पुत्र अवधेश सिंह शामिल है।

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